24 न्यूज अपडेट उदयपुर। निजी अस्पतालों को अब प्रसव की जानकारी हर माह की 5 तारीख से पहले ऑनलाइन करनी होगी। केंद्र स्तर पर चल रहे सॉफ्टवेयर पीसीटीएस में पूरे माह का ब्योरा दर्ज करना होगा। पांच तारीख के बाद सभी डाटा फ्रीज हो जाएगा। इसलिए पूरे माह के आंकड़े अगले माह की एक से चार तारीख के मध्य ही दर्ज कर लेने होंगे। डिलेवरी के ऑनलाइन और ऑफलाइन के रिकॉर्ड में अंतर मिलने पर संबंधित संस्थान पर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. ताबियार ने कहा कि साथ ही यदि कोई दंपती भ्रूण लिंग जांच के लिए आती है तो इसकी जानकारी विभाग को भी दें। ताकी दंपती पर निगरानी रखी जा सके। क्योंकि वह भ्रूण जांच के लिए अन्य स्थान पर जाने का भी प्रयास करेगा। गौरतलब है कि आजकल यह सामने आ रहा है कि कुछ निजी अस्पतालों में प्रसव के आंकडों में आश्चर्यजनक रूप से सिजेरियन प्रसव की संख्या अधिक आ रही है। इससे यह संदेह जाता है कि कहीं जान बूझकर तो ऐसा नहीं किया जा रहा है। कहीं ऐसा तो नहीं हो रहा है कि सामान्य प्रसव जहां पर हो सकता है वहां भी सिजेरियन का आप्शन लिया जा रहा है। हालांकि इस बारे में आंकड़ों का और अधिक अध्ययन करके ठोस निष्कर्ष निकालने की जरूरत है। बहरहाल हर महीने चार तारीख को आंकड़े देने से यह स्पष्ट हो जाएगा कि प्रसव के मामले में कहां क्या स्थिति चल रही है।
निजी अस्पतालों को हर महीने देनी होगी प्रसव की जानकारी, सिजेरियन प्रसव को लेकर आ सकते हैं चौंकाने वाले आंकड़े

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