24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। विधि के विद्यार्थियों को हाल में लागू किए गए तीन नये आपराधिक कानून तथा संपूर्णता अभियान, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना सहित विश्व जनसंख्या दिवस , साइबर फ्रॉड , वर्षा जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से केन्द्रीय संचार ब्यूरों ,क्षेत्रीय कार्यालय ,सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ,भारत सरकार उदयपुर की ओर से जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विवि के संघटक विधि संकाय के सहयोग से महाविद्यालय के सभागार में जागरूकता कार्यक्रम और प्रतियोगिता का आयोजन किया। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से अधिसूचित किए गए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य संहिता तीनों नए कानून आपराधिक न्याय प्रणाली को पूरी तरह से बदलने का काम करेंगे। इसमें नागरिक सुरक्षा, बच्चों की सुरक्षा एवं नारी सम्मान का पूरी तरह ध्यान रखा गया है। तीनों कानूनों का खास मकसद विभिन्न अपराधों को परिभाषित करके उनके लिए सजा तय कर देश में आपराधिक न्याय सिस्टम को पूरी तरह से बदलना है। केंद्र सरकार ने तीनों नए आपराधिक कानूनों को 1 जुलाई, 2024 से लागू करने का नोटफिकिशन जारी कर दिया है। 23 फरवरी को जारी किए गए इस नोटिफिकेशन के बाद अब वर्तमान में लागू बिटिश काल के भारतीय दंड संहिता, आपराधिकि प्रक्रिया संहिता और 1872 के भारतीय साक्ष्य अधिनियम निर्धारित तारीख से खत्म हो जाएंगे । इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता हर्षवर्धन जैन ने तीनों नए कानूनों पर विस्तार से प्रकाश डाला । प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत करते हुए केन्द्रीय संचार ब्यूरो के सहायक निदेशक रामेश्वर लाल मीणा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने दिनांक 22 जनवरी 2024 को एक नई योजना की घोषणा की जिसका नाम प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना रखा गया है। इस योजना का लक्ष्य 1 करोड़ लोगों के घरों में सोलर पैनल लगाकर उनके बिजली बिल पर होने वाले खर्चे को कम या बिल्कुल समाप्त कर देना है। इस घर योजना का लाभ गरीब व माध्यम वर्ग के परिवारों को मिलेगा जिनकी आय 2 लाख रुपए से कम है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत हर महीने 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि नीति आयोग द्वारा 04 जुलाई से 30 सितंबर 2024 तक 3 महीने का संपूर्णता अभियान शुरू किया गया । इसका उद्देश्य देश भर के आकांक्षी जिलों व आकांक्षी ब्लॉकों में 6 प्रमुख संकेतकों की परिपूर्णता अर्जित करने के लिए निरंतर प्रयास करना है। संपूर्णता अभियान आकांक्षी जिला कार्यक्रम और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के तहत 112 आकांक्षी जिलें है। जिसमे राजस्थान के 5 जिले बाराँ, धौलपुर, जैसलमर, करौली, और सिरोही शामिल हैं । इसी प्रकार देशभर के 500 आकांक्षी ब्लॉकों में राजस्थान के 27 ब्लॉक शामिल हैं । चिन्हित 6 संकेतकों में से प्रत्येक में परिपूर्णता हासिल करना है।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. कला मुणेत ने युवाओ से कहा कि जनसंख्या को रोकने में अपनी भूमिका निभाएं तथा साइबर फ्राड से बचने के लिए जागरूक बनें एवं वर्षा जल संरक्षण व वृक्षारोपण के महत्व को समझें। इस अवसर पर तीन नये आपराधिक कानून तथा केन्द्र सरकार के संपूर्णता अभियान, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अलावा विश्व जनसंख्या दिवस , साइबर फ्रॉड , वर्षा जल संरक्षण एव वृक्षारोपण विषय पर मौखिक प्रशनोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गयी । प्रतियोगिता के विजेताओं को विभाग की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. मीता चैधरी, भगवतीलाल सोनी, डॉ. सुरेन्द्र सिंह चुण्डावत, अंजु कावड़िया, डॉ. के.के. त्रिवेदी, भानु कुंवर सिंह, छत्रपाल सिंह, डॉ. ज्ञानेश्वरी सिंह राठौड, डॉ. विनिता व्यास, डॉ. रित्वी धाकड, डॉ. जयसिंह जोधा, भानु कुंवर राठौड़, चिराग दवे सहित महाविद्यालय के अकादमिक, गैर अकादमिक कार्यकर्ता एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया। संचालन डॉ. के.के. त्रिवेदी ने किया।
नए कानूनों से आपराधिक न्याय सिस्टम में होगा बदलाव – प्रो. एस. एस. सारगदेवोत, तीन नये आपराधिक कानून, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना पर जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

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