24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। नगर निगम की ओर से बंदर व लंगूरों को पकड़ने के लिए निकाला गया टेंडर इन दिनों काफी चर्चा में है। उदयपुर में दो जनों ने अब तक बंदरों से हो रही परेशानी को लेकर सरकारी पोर्टल सहित अन्य माध्यमों में शिकायत दर्ज करवाई है। इसके अलावा कहीं कोई परेशानी नहीं है लेकिन निगम बंदरों को पकड़ने का टेंडर देकर सालाना 4 लाख का खर्चा करना चाहती है। यह प्रयास 2023 से चल रहा है। इसके लिए उपरी आदेश का हवाला दिया जा रहा है। दो साल में दो बार टेंडर निकाले गए। पहली बार टेंडर नियमानुसार आवेदन नहीं होने पर खारिज हुआ तो अब फिर से मांगा गया है। अब भी एक ही टेंडर आने पर फाइल जयपुर तक की यात्रा करके वापस लौटेगी। दो साल में दो शिकायतों पर हो रही इस दिलचस्प कवायाद के बीच सवाल उठ रहे हैं कि समस्या को बंदर पकड़ने वालों को बुला कर सीमित धनराशि देकर भी निपटाया जा सकता था। 8 जुलाई को टेंडर निकाले गए थे। टेंडर लेने की तारीख 11 जुलाई तो भरे हुए आवेदन जमा कराने की अंतिम तारीख 18 जुलाई थी। ऑनलाइन टेंडर आवेदन 19 जुलाई को खोले गए। निगम की ओर से बताया जा रहा है कि पिछली बार वर्ष 2023 में टेंडर में एक फर्म ने आवेदन किया था। टेंडर में शामिल होने के लिए फर्म ने आवश्यक डीडी नहीं लगाया तो टेंडर निरस्त हो गया। फिलहाल जुलाई 2024 में निगम ने फिर टेंडर निकाला, लेकिन इस बार भी टेंडर की शर्तें पूरी नहीं हुईं। एक ही फर्म ने आवेदन किया। जबकि नियमानुसार तीन फर्म होना जरूरी है। ऐसे में निगम की स्वास्थ्य शाखा ने फाइल को आयुक्त तक व वहां से स्वायत्त शासन विभाग (डीएलबी) स्तर तक भेजा जा रहा है। उच्चाधिकारियों की अनुमति के बाद निगम इस पर निर्णय लेगा। वर्तमान में डूंगरपुर की फर्म ने आवेदन किया बताते हैं। निगम की ओर से बताया जा रहा है कि 2023 में मुख्य सचिव के स्तर पर स्वायत्त शासन विभाग ने बंदर पकड़ने के टेंडर के निर्देश दिए थे। इस पर निगम के अधिकारियों ने आंख मूंद कर अपने सुपरबॉस को खुश करने के लिए पहली बार इस काम के टेंडर निकाले थे बिना अधिकारियों को यह बताए कि उदयपुर में इस प्रकार के टेंडर की आवश्यकता भी है या नहीं।
वैसे तो नगर निगम के पास हमेशा लोगों की शिकायतों का अंबार लगा रहता है, शहर के गड्ढों को भरने के लिए उसके पास कोई ऐसी क्विक रेस्पोंस टीम नहीं है जो शिकायत करते ही मौके पर आती हो मगर बंदरों के मामले में अफसरों ने शानदार जागरूकता दिखाई है। हिरण मगरी क्षेत्र मेंएक व्यक्ति ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर बंदर नहीं पकड़ने की शिकायतें की, इसी प्रकार कलेक्ट्री में सेवारत कर्मचारी ने भी इसी प्रकार की शिकायत दी तो निगम अधिकारियों को अचानक उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए टेंडर करने का ध्यान आ गया। बड़ा सवाल ये है कि यदि समस्या इतनी गंभीर थी तो टेंडर की फाइल दो साल से क्यों घूम रही है। बंदर पकड़ने के एक्सपर्ट मिल नहीं रहे हैं या फिर बात कुछ और है। दो साल, दो शिकायतें और 4 लाख का टेंडर। तथ्यों को आस-पास रखने पर कई बातें खुद ब खुद स्पष्ट होती नजर आती हैं। मजे की बात है कि उन दो शिकायतों व उत्पाती बंदरों का क्या हुआ यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। क्या उत्पाती बंदर भी इंतजार कर रहे हैं कि कब टेंडर हो जाएगा और कब उन्हें कोई पकड़ने वाला आएगा????
आपको बता दें कि पिछले साल उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बंदरों को पकड़ने का टेंडर किया गया जिसमें प्रति बंदर नगर निगम की ओर से ठेकेदार को 190 रूपए देना तय हुआ। यह ठेका मार्च 2024 तक रहा। मथुरा-वृंदावन में बंदरों को पकड़ने के लिए जगह-जगह पिंजरे लगाए गए हैं। ठेकेदार के साथ निगम का कर्मचारी भी रहता है ताकि बंदरों को सही जगह पर छोड़ा या नहीं, इसकी तस्दीक की जा सके। दिल्ली में तो हाईकोर्ट के आदेश पर एमसीडी ने बंदर पकड़ने पर प्रति बंदर 1800 रूपए देने का विज्ञापन निकाला।


Discover more from 24 News Update

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

By desk 24newsupdate

Watch 24 News Update and stay tuned for all the breaking news in Hindi ! 24 News Update is Rajasthan's leading Hindi News Channel. 24 News Update channel covers latest news in Politics, Entertainment, Bollywood, business and sports. 24 न्यूज अपडेट राजस्थान का सर्वश्रेष्ठ हिंदी न्‍यूज चैनल है । 24 न्यूज अपडेट चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। 24 न्यूज अपडेट राजस्थान की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए बने रहें ।

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Discover more from 24 News Update

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

Discover more from 24 News Update

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading