उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया देसूरी की नाल का निरीक्षण आरएसआरडीसी, पीडब्ल्यूडी, और एनएचएआई को प्रभावी कार्ययोजना बनाकर स्थाई समाधान निकालने के निर्देश एक महीने में सेफ्टी वॉल सहित अन्य सुरक्षा संबंधी कार्य होंगे पूर्ण, एलिवेटेड रोड की डीपीआर बनाने के निर्देश 24 न्यूज़ अपडेट राजसमंद। राजसमंद पाली और राजसमंद (मारवाड़ और मेवाड़) को जोड़ने वाली देसूरी की नाल पर पर हो रहे सड़क हादसों के चलते उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने रविवार को घाट क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान कुंभलगढ़ विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री ने यहां स्थित खतरनाक मोड़ों, तीव्र ढलानों और संकरी सड़कों को देखकर संबंधित विभागों (आरएसआरडीसी, पीडब्ल्यूडी, और एनएचएआई) को तत्काल सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान जयपुर, उदयपुर, राजसमंद और पाली से इन विभागों के अधिकारी जैसे राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम (आरएसआरडीसी) के प्रबंध निदेशक सुनील जय सिंह, सार्वजनिक निर्माण विभाग के सचिव डी आर मेघवाल, एनएच (पीडब्ल्यूडी) के मुख्य अभियंता सतीश चंद्र अग्रवाल, पीडब्ल्यूडी अतिरिक्त मुख्य अभियंता अशोक कुमार शर्मा, राजसमंद पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता मगनीराम रैगर आदि मौजूद रहे। इस दौरान पाली जिला कलक्टर एल एन मंत्री भी पहुंचे जिन्होंने उपमुख्यमंत्री से विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उपमुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सड़क के चौड़ाईकरण, क्रॉस बैरियर, रंबल स्ट्रिप लगाने और एलिवेटेड रोड की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनवाने के निर्देश दिए। इन सुधारात्मक उपायों से इस मार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम संभव हो सकेगी और यात्रियों को यात्रा में सुरक्षा मिल सकेगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देसूरी की नाल में अब तक कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं, इस घाट सेक्शन को सुधारना सरकार की प्राथमिकता है, आगामी एक महीने में यहां अधिकतम सुरक्षा प्रबंधन किए जाएंगी, सेफ्टी वॉल संबंधी कार्य किया जाएंगे, साथ ही इसके स्थाई समाधान हेतु अधिकारियों के साथ चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गत सरकार में भी बतौर सांसद उन्होंने इस रोड को बेहतर बनाने के लिए प्रयास किए थे, अब डबल इंजन की सरकार में इस काम को हर हाल में पूरा किया जाएगा, देसूरी की नाल को सुधारना उनकी प्राथमिकता है। देसूरी की नाल अरावली पर्वतमाला के बीच से गुजरती है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ खतरनाक ढलानों और तीखे मोड़ों के कारण कुख्यात है। इस 10 किलोमीटर लंबे मार्ग पर पिछले दो दशकों में कई बड़े हादसे हो चुके हैं। साल 2007 में यहां सबसे बड़ा सड़क हादसा हुआ था, जिसमें लगभग 90 व्यक्तियों की जान गई थी। हाल ही में 8 दिसंबर को एक स्कूल बस के पलटने से यहां तीन बच्चों की जान गई थी। यह मार्ग 15 खतरनाक मोड़ों और 5 संकरी पुलियों के चलते बेहद जोखिम भरा है। उपमुख्यमंत्री के दौरे के बाद क्षेत्र में नई आस जगी है और लोगों को उम्मीद है कि देसूरी की नाल का जल्द सुधार होगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मर्डर के बदले 3 लाख, मारपीट के लिए 15 हजार तय किए, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष की हत्या की साजिश में 5 गिरफ्तार, रीट का आवेदन महाकुंभ कल से, 27 फरवरी को होगा, 15 जनवरी लास्ट डेट; करीब 12 लाख फार्म की उम्मीद