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तीन बार सोनोग्राफी करवाई, सामान्य बताया, उदयपुर में जांच कराई तो पता चला बच्चा और जज्चा की जान को खतरा, हंगामे के बाद लैब को किया सील, संचालक बोला-गलती की मशीन में गड़बड़ी हो गई!!!

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24 न्यूज अपडेट. राजसमंद। जिला मुख्यालय पर गलत सोनोग्राफी रिपोर्ट को लेकर गर्भवती महिला सहित परिजनों ने लैब के बाहर हंगामा हो गया। परिजनों का आरोप है कि महिला के गर्भवती होने के बाद से यहां पर लगातार सोनोग्राफी करवाई जा रही थी। रिपोर्ट में बच्चा नॉर्मल बताया जा रहा था जबकि सोनोग्राफी दूसरी लैब में करवाने पर बच्चा एब्नॉर्मल बताया गया। लम्बे समय से धोखे में रखा गया जिसका खुलासा दूसरी लैब से हुआ। लैब के बाहर परिजनों व नागरिकों ने जमकर हंगामा किया व लाइसेंस रद्द करने की बात कही। मौके पर पहुंचे चिकित्सा विभाग के अधिकारी ने लैब पर ताला लगा दिया। यहां 100 फिट रोड स्थित रेडॉन लैब पर राजनगर निवासी जय सिंह अपनी पत्नी कोमल कंवर की सोनोग्राफी परिजन डाक्टरी सलाह पर लगातार करवा रहे थे। 8वें माह की सोनोग्राफी उदयपुर की लैब में करवाई तो रिपोर्ट के बाद होश उड़ गए। बच्चे को अब तक रेडान लैब द्वारा नॉर्मल बताया जा रहा था वही बच्चा एबनोर्मल निकला। गर्भवति महिला की डिलीवरी में कॉम्प्लिकेशन और बच्चे की हालत नाजुक बताई गई। परिजनों को आरोप है कि जब 8 माह से सोनोग्राफी करवा रहे थे तब ये रिपोर्ट क्यों नहीं आई जबकि कॉम्पलिकेशन 3 माह में मालूम पड़ जाता है। पीड़ित गर्भवती महिला कोमल राठौड़ के पति जयसिंह राठौड़ ने बताया कि जब दूसरी लेब में जांच करवाई तो पत्नी की जान को खतरा बताते हुए तुरंत अबॉर्शन की सलाह दी। हंगामे पर लैब संचालकों ने कहा कि मशीन में गलती से गड़बड़ी हो गइ होगी। इस लापरवाही ने जच्चा-बच्चा की जान खतरे में डाल दी। घटना मेडिकल लापरवाही का गंभीर उदाहरण दर्शाती है। जिले में किस तरह से अवैध लैब से लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड किया जा रहा है। उदयपुर मेंं जांच नहीं करवाते तो ना जाने क्या हो जाता। उप चिकित्सा अधिकारी राजकुमार खोलिया सहित पुलिस और चिकित्सा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लैब को सील किया। पीड़ित परिवार ने थाने में लैब संचालकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

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