
24 न्यूज़ अपडेट चित्तौड़गढ़, 13 जून। जिला कलक्टर आलोक रंजन ने की अध्यक्षता शिक्षा विभाग की जिला निष्पादन समिति की बैठक आयोजित हुई। जिला कलक्टर ‘मिशन निपूण चित्तौड़गढ़’ का शुभारम्भ किया एवं मार्गदर्शिका का विमोचन किया।
बैठक में विगत माह तक सम्पन्न हुई शिक्षा विभाग की विभिन्न गतिविधियों यथा कक्षा 1 से 12 तक परीक्षा परिणाम, निर्माण, छात्रवृत्ति, प्रोत्साहन कार्य, वृक्षारोपण, पेयजल व्यवस्था, भवन विहीन विद्यालयों, भूमि आवंटन, समावेशी शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
‘मिशन निपुण चित्तौड़गढ़’ के शुभारंभ पर जिला कलक्टर ने कहा कि शिक्षण का गुणवत्ता पूर्ण एवं प्रभावी होना शिक्षा में सदैव आवश्यक पहलु रहा है। नई शिक्षा नीति, 2020 में प्राथमिक कक्षाओं में बुनियादी भाषा एवं गणित को तात्कालिक आवश्यकता के रूप में सन्दर्भित करते हुए इन सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाना प्रस्तावित है। प्रारम्भिक कक्षाओं में बच्चों के साथ बुनियादी भाषा और गणित के कौशलों को अच्छे विकसित किया जाए, जिससे उनकी आगामी कक्षाओं के लिए बुनियादी समझ बन सकें। इसी उद्देश्य की पूर्ति के जिल जिले में ‘मिशन निपुण चित्तौड़गढ़’ द्वारा सार्थक प्रयास किए जाए।
जिला कलक्टर ने कहा कि हम सब को इस मिशन की सफलता के लिए पूरी जिम्मेदारी से सतत एवं सक्रिय प्रयास करते हुए शिक्षकों को प्रेरित करना होगा। जिससे इस पुनीत कार्य को सफल बनाया जा सकें।
इस अवसर पर जिला कलक्टर ने ‘मिशन निपूर्ण चित्तौड़गढ़’ का शुभारम्भ करते हुए मार्गदर्शिका का विमोचन कर सभी शिक्षा अधिकारियों को इसकी सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की। इस मिशन में अकादमिक सहयोग अजीम प्रेमजी फाउण्डेशन के जिला संस्थान द्वारा प्रदान किया जाएगा।
वृक्षारोपण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी राकेश पुरोहित ने गड्ढे करने व जल व्यवस्था के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। एडीएम द्वितीय सुरेन्द्र राजपुरोहित ने परीक्षा परिणाम सुधार पर खुली चर्चा एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।
‘मिशन निपुण चित्तौड़गढ़’ के शुभारंभ पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार दशोरा ने कहा कि इस मिशन को धरातल पर उतारने हेतु शिक्षकां, संस्था प्रधानों एवं पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारियों को सम्बलन प्रदान करें। मिशन के अन्तर्गत अकादमिक वर्ष 2024-25 में कक्षा 3 से 5 में अध्ययनरत 70 प्रतिशत विद्यार्थियों को एफएलएन की बुनियादी दक्षताओं में निपुण बनाना है। इसी क्रम में सत्र 2025-56 में 90 प्रतिशत तथा 2026-27 तक 100 प्रतिशत का लक्ष्य प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि सत्र 2024-25 में निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने वाले विद्यालय, पंचायत एवं ब्लॉक को निपुण का दर्जा जिला कलक्टर द्वारा प्रदान किया जाएगा। जिले को निपूण बनाने के इस अभियान में मिशन निपुण चित्तौड़गढ़ मील का पत्थर सिद्ध होगा।
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