24 न्यूज अपडेट उदयपुर। शहर में महासत्या रोड स्थित गंगाजी के चौथे पाये पवित्र गंगू कुंड में एक बार फिर मछलियों के मरने की खबर आ रही है। कुंड में मरी हुई मछलियां तैर रही हैं व किनारों पर ढेर लगे हैं जिनसे भारी बदबू उठ रही है। ऐसा आखिर क्यों हो रहा है। आम तौर पर पानी में ऑक्सीजन कम हो जाने से मछलियों के मरने की खबरें आती हैं या फिर कोई ऐसा केमिकल पानी में मिल जाए जो मछलियों के लिए हानिकारक है, उससे भी मछलियों के जीवन को खतरा होता है। गंगू कुण्ड में हालांकि सख्त हिदायत है कि किसी भी हाल में कुंड में कोई भी जलता दीपक या किसी भी प्रकार की सामग्री प्रवाहित नहीं की जाए लेकिन कई बार टोंकने पर भी लोग नहीं मानते हैं व इसे धार्मिक परम्पराओं से जोड़ने का तर्क देते हैं। जबकि वहां मौजूद संत महात्मा तक कई बार अनुरोध करते हुए लोगों को समझाते हैं कि दीपक आदि करना है तो एक कोने में कर सकते हैं लेकिन किसी भी सामग्री को पानी में प्रवाहित करना अनुचित है। यहां रोज सुबह कई बच्चे अभिभावकों के साथ इन दिनों स्विमिंग करने भी आते हैं, वे भी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखते हैं। पानी की ऑक्सीजन तभी कायम रह सकती है जब कुंड को मानवीय हस्तक्षेप से जहां तक हो सके दूर रखा जाए। यह कुंड कोई साधारण कुंड नहीं है, गंगाजी का चौथा पाया है व इसकी महान पौराणिक मान्यताएं हैं। ऐसे में संरक्षण के सामूहिक प्रयास जरूरी है।
गंगू कुण्ड पर क्यों मरी मछलियां, क्या मानवीय भूल है जिम्मेदार?

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