24 न्यूज अपडेट.जयपुर। एसीबी के पास एक संदेश आया जिसमें बताया गया कि एसएमएस अस्पताल में रुपए लेकर अंग प्रत्यारोपण की फर्जी एनओसी दी जा रही हैं। इस पर एसीबी ने जाल बिछाया और रविवार देर रात 1.30 बजे कार्रवाई करते हुए फर्जी एनओसी देने वाले सहायक प्रशासनिक अधिकारी गौरव सिंह और ईएचसीसी अस्पताल के ऑर्गन ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर अनिल जोशी को लेनदेन करते रंगे हाथों धर दबोचा। एसीबी ने 70 हजार रुपए और 3 फर्जी एनओसी लेटर भी मौके पर जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के बाद रात को एसीबी के अधिकारी गौरव सिंह और अनिल जोशी के घर और अन्य ठिकानों पर भी सर्च की गई जो कार्रवाई आज सुबह 5 बजे तक चली। एसीबी को गौरव सिंह के घर से 100 से अधिक बिना साइन और मुहर के फर्जी सर्टिफिकेट मिले हैं जिन पर अस्पतालों के नाम लिखे हैं। अस्पताल ने एसीबी की गिरफ्त में आए ऑर्गन ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर अनिल जोशी को फिलहाल सस्पेंड कर दिया है। एसीबी के एडीजी हेमंत प्रियदर्शी ने बताया कि एसीबी के पास तीन दिन पहले शिकायत आई कि अस्पताल में कोई अंग प्रत्यारोपण के फर्जी एनओसी सर्टिफिकेट जारी कर रहे हैं। ये सर्टिफिकेट बिना किसी कमेटी के जारी किए गए हैं। सीबी के डीआईजी रवि के नेतृत्व में गई टीम ने यह कार्रवाई की। टीम रात को पहुंची और गोपनीय तरीके से संदिग्ध अधिकारी की पहचान की। उसके बाद उस अधिकारी का पीछा करना शुरू कर दिया। देर रातएसएमएस के सहायक प्रशासनिक अधिकारी गौरव सिंह और ईएचसीसी अस्पताल के ऑर्गन ट्रांसप्लांट को-आर्डिनेटर अनिल जोशी लेन-देन के लिए मिले तो उनको एसीबीस ने रंगे हाथों धर लिया। सहायक प्रशासनिक अधिकारी गौरव सिंह पिछले कई महीनों से रिश्वत के बदले कमेटी सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर रहा था और उसी आधार पर फर्जी एनओसी बनाकर अब तक वह कई अस्पतालों को दे चुका है। अंग प्रत्यारोपण से पहले फर्जी एनओसी देने के मामले में ईएचसीसी अस्पताल ने ऑर्गन ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर अनिल जोशी को सस्पेंड कर दिया।
एसीबी ने एसएमएस अस्पताल में पकड़ा अंग प्रत्यारोपण सर्टिफिकेट के फर्जीवाड़े का रैकेट

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