24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर में राजस्थान सरकार की ओर से जारी 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर तक 1 साल का कार्यकाल बढ़ा दिया। उसका आदेश भी आ गया लेकिन आज तक उसकी पालना भी नहीं हुई और ना एक साल का ऑर्डर प्रशाशन ने एसएफएबी कर्मचारियों का जारी किया। दिसंबर माह में कार्यकाल खत्म हो गया तब सभी कर्मचारियों को हड़ताल एवं आंदोलन का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान सभी छात्रों ओर स्थाई ओर अस्थाई सभी ने पूरा विश्वविद्यालय बंद करवाया सभी राजनीतिक लोगों ने भी सहयोग किया। तब सरकार को भी सहयोग करना पड़ा और सभी के सहयोग से एक साल का ऑर्डर सरकार को जारी करना पड़ा। अब बताया जा रहा है कि सरकार के आदेश की भी अवहेलना की जा रही हे इस कारण से एसएफएबी कर्मचारियों को जनवरी माह की भी सेलरी नहीं मिली और फरवरी भी खत्म होने आया है। इन कर्मचारियों की अब कौन सुनें, ना ही ऑर्डर ना ही तनख्वाह। प्रशासनिक स्वीकृति जारी हुई और ना ही वित्तीय स्वीकृति। इस बीच आज एक और ऑर्डर जारी हुआ उसमें सभी कर्मचारियों को 10 से 5 समय पर आना 168 घंटे महीने के होना और नहीं होने पर सेलरी काटना का फरमान है। सिर्फ काम करो समय पर सेलरी नहीं देना का यह फार्मूला होने पर विरोध हो रहा हैं जबकि स्थाई कर्मचारियों का समय 10. 30 से 5 बजे तक का है है। इससे पहले दस प्रतिशत प्रति वर्ष सैलरी बढ़ती थी वह भी नहीं बढ रही है दो साल से। ऐेसे में कम वेतन पर काम कर रहे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा हैं। ऐसे में कर्मचारियों को भारी परेशानी हो रही है। पिछले पूरे साल में तीन बार आंदोलन किया गया व हड़ताल हुई। राज्य सरकार ने तो सुन ली और एक वर्ष का ऑर्डर जारी कर दिया लेकिन मोहनलाल सुखाड़िया विश्विद्यालय प्रशासन अब तक चक्की पिसिंग एटीट्यूड पर अडा हुआ हैं।
एसएफएबी चक्की पिसिंग जारी : अब तक नहीं मिला जनवरी का वेतन, अब कम घंटे काम किया तो वेतन काटने का फरमान!!

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