मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ शंकर एच बामनिया ने बताया कि माननीय चिकित्सा मंत्री, राजस्थान सरकार की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मौसमी बीमारियों के उपचार एवं रोकथाम कार्यवाही संपादित करने के निर्देश प्रदान किये गये।
इसी क्रम में उदयपुर शहर और आसपास के क्षेत्र में मलेरिया, डेंगू, स्क्रब टायफस के बढ़ते केसेज को देखते हुए संयुक्त निदेशक,चिकित्सा विभाग, उदयपुर की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें उपनिदेशक डॉ पंकज गौड़, सीएमएचओ डॉ बामनिया, डिप्टी सीएमएचओ अंकित जैन, डॉ सत्यनारायण वैष्णव, मलेरिया प्रकोष्ठ से दाडम दास वैष्णव, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक वैभव सरोहा, गिर्वा और बड़गांव बीसीएमओ, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा प्रभारी, सीएचसी नाई, बड़गांव,यूसीएचसी भुवाना, पीएचसी बेदला, देवाली,सवीना और लकडवास के चिकित्सा प्रभारी, समस्त शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के एलएचवी और पीएचएम उपस्थित रहे।
उप निदेशक डॉ पंकज गौड़ ने सभी से क्षेत्र वार की गई गतिविधियों की रिपोर्ट ली और टीमों की संख्या बढ़ाकर प्रतिदिन की गतिविधियों की रिपोर्ट देने को कहा। उन्होंने कहा कि उपचार से पहले रोकथाम की कार्यवाही करनी आवश्यक है। इसके लिए लोगों को जागरूक करना होगा।
सीएमएचओ डॉ बामनिया ने सभी चिकित्सा प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन अपने क्षेत्र में पोजिटिव आयें मरीजों की और क्षेत्र में की जा रही गतिविधियों की मोनिटरिंग करें। आवश्यकता होने पर डोमेस्टिक ब्रिडिंग चेकर की और भर्ती की जा सकती है।
डिप्टी सीएमएचओ डॉ अंकित जैन ने बताया कि शहर में की जा रही गतिविधियों की जिला स्तर से भी मोनिटरिंग की जा रही है।कई क्षेत्रों में क्रॉस वेरिफिकेशन भी किया जा रहा है।
यूपीएम वैभव सरोहा ने बताया कि जिन क्षेत्रों में रोगी अधिक पायें जा रहे हैं,उन क्षेत्रों में सोर्स रिडक्शन, एंटी लार्वा और एंटी एडल्ट एक्टिविटी के साथ ही 50 घरों का सर्वे भी करवाया जा रहा है। क्रॉस वेरिफिकेशन में अनियमितता पायी जाने पर कार्यवाही की चेतावनी देते हुए कहा कि सभी गतिविधियां समय पर करें और रिपोर्ट देवें।
डॉ सत्यनारायण वैष्णव ने बताया कि एक्टिविटी के लिए आवश्यक सामग्री की कोई कमी नहीं होने दी जायेगी। आवश्यकता अनुसार डिमांड की जा सकती है।

