उदयपुर। न्यायालय ने आदेश में कहा कि खदानों को जबरन बन्द कराने को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार और प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से ले कर जावर माइंस में काम शुरू कराने के निर्देश दिए गए। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक उदयपुर और सलूम्बर को न्यायालय ने तुरंत कार्यवाही कर माइंस और फैक्ट्री शुरू कराने के आदेश दिए। आपको बता दें कि आपसी राजनीति के चलते कुछ लोगों ने दबाव बनाते हुए चार दिन से हड़ताल का ऐलान किया था जिसकी वजह से काम ठप हो गया था। कर्मचारियों के एक समूह की ओर से बताया गया था कि जावर माइंस में जबरन काम बंद करा आने जाने का मार्ग और माइंस गेट को बन्द कर दिया गया था जबकि वे काम करना चाह रहे थे। माइंस में काम बंद होने से 7 हज़ार मजदूर और कर्मचारी प्रभावित हुए थे।
न्यायालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि असामाजिक तत्वों को फैक्ट्री और माइंस ऑपरेशन बंद कराने की अनुमति नहीं है। इस बारे में आज ही 24 न्यूज अपडेट संवाददाता ने मौके पर जाकर वस्तुस्थिति की रिपोर्ट दी थी जिसमें यह सामने आया था कि कुछ दबाव समूहों व उनके पीछे राजनीतिक सपोर्ट के चलते फैक्ट्री में काम ठप किया जा रहा था। इसके पीछे कई व्यक्तिगत कारण भी सामने आए थे व बड़े समूह का मानना था कि काम शुरू होना ही चाहिए। बहरहाल, अब आदेश आने से कर्मचारियेां के बड़े वर्ग को राहत मिल पाएगी।
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