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वैदिक सेवा, समाज एवं गौसेवा के लिए कैलाश मून्दड़ा भारत गौरव राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित

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24 न्यूज़ अपडेट निंबाहेड़ा | श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन कैलाशचन्द्र मून्दड़ा को कर्नाटक के कलबुरगी के सेडम में भारत विकास संगम एवं विकास एकेडमी द्वारा आयोजित सातवें भारतीय संस्कृति उत्सव में समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, वैदिक शिक्षा एवं गौसेवा में निस्वार्थ भाव से सेवाएं देने के लिए भारत गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह में आयोजन संरक्षक बसवराज पाटिल, संजय भाई पटेल, के एन गोविन्दाचार्य, भारत विकास संगम के राजस्थान प्रभारी गोपेश्वर गुप्ता, महाराष्ट्र के गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राज्य मंत्री शेखर मून्दड़ा के अनुग्रह पर मुख्य अतिथि पद्मश्री माता मंजम्मा ज्योगति बेलारी ने शॉल ओढ़ाकर एवं पुष्प माला पहनाकर तथा धर्मग्रंथ एवं स्मृति चिन्ह के साथ प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मान किया गया। अपने ही प्रकार के विशिष्ट आयोजन में देश के कई मुर्धन विद्वानों की उपस्थिति में मून्दड़ा ने उनके क्षेत्र में दिए जा रहे वैदिक शिक्षा के रूप में संचालित नि:शुल्क वेद विद्यालय, वैदिक विश्वविद्यालय, सनातन धर्म की शिक्षा एवं लोगों को जोड़ने एवं गौसेवा के लिए सम्मान दिया गया। समारोह में मौजूद विद्वानों ने लूप्त होती वैदिक संस्कृति के संरक्षण के लिए किए जा रहे स्तुत्य प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में विद्यमान वैदिक विद्वानों एवं भामाशाहों को ऐसे अनुकरणीय कार्यों में सहयोग करना चाहिए। समारोह के दौरान मंच पर गीता आश्रम मथुरा के अवधेशानन्द महाराज, विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान नोएडा के राष्ट्रीय संगठन सचिव केएन रघुनन्दन, झारखंड के विधायक सरयू राय, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक चन्नपा सजनार सहित अन्य विद्वान एवं संस्था के पदाधिकारी मौजूद थे।

सम्मान का श्रेय

          कैलाशचन्द्र मून्दड़ा ने उन्हें मिले राष्ट्रीय भारत गौरव सेवा सम्मान के लिए अपने परिजनों, अग्रज रामप्रसाद मून्दड़ा, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष वेदपीठ एवं शोध संस्थान को सहयोग देने वाले कल्याण नगरीवासियों एवं कल्याण भक्तों के साथ ही प्रेस जगत को देते हुए कहा कि यह सम्मान उन सभी के अनुकरणीय सहयोग का प्रतिफल हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के वैदिक मानचित्र पर कल्याण नगरी को स्थापित करने में किए जा रहे अकिंचन प्रयास में इसी प्रकार सभी का सहयोग अनवरत मिलता रहेगा। मून्दड़ा ने अपने आराध्य ठाकुर श्री कल्लाजी की प्रेरणा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि यह उनका सम्मान नहीं वरन मेवाड़ व राजस्थान के समस्त कल्याण भक्तों, कल्याण नगरीवासियों, आचार्यों, बटुकों, वैदिक विश्वविद्यालय परिवार के साथ ही वीर वीरांगनाओं के द्वारा उनके दिए जा रहे आत्मिक सहयोग का प्रतिफल हैं।

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