24 न्यूज अपडेट. जयपुर। बाबा की माया को अब तक कोई समझ नहीं पाया है। सरकार भी असमंजस में हैं कि बाबा को मंत्री माना जाए या नहीं, पद पर रखा जाए या नहीं। बाबा के भाई को टिकट देकर मनाने की कोशिश की लेकिन वह दांव भी नहीं चला। अब अपने बयानों तो कभी अपने एक्शन से बाबा सुर्खियों में रहने लगे हैं व सरकार पर भारी पड़ रहे हैं। अब बताया जा रहा है कि कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में नहीं आएंगे। विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी को चिट्ठी लिखकर बजट सत्र के दौरान विधानसभा से गैरहाजिर रहने की अनुमति मांगी है। पिछले सत्र में भी वे नहीं आए थे उनके नाम पर काफी हंगामे हुए थे। बजट सत्र के दौरान सदन में नहीं रहने से सरकार के कामकाज पर असर जरूर होगा व सवाल भी उठेंगे। अब किरोड़ी ने व्यक्तिगत कारणों से सदन से गैरहाजिर रहने की अनुमति मांगी है। जवाब देने के लिए दूसरे मंत्रियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। ग्रामीण विकास से जुड़े सवालों के जवाब पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर देंगे। पिछले बजट सत्र के दौरान भी उनके विभागों के सवालों के जवाब दूसरे मंत्रियों ने दिए थे। किरोड़ीलाल मीणा ने लोकसभा चुनाव में दौसा सीट से बीजेपी की हार के बाद इसकी जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उस वक्त उन्होंने तर्क दिया था कि जिस इलाके में उन्होंने पूरी जिंदगी सेवा की, उस इलाके से ही अगर उनकी पार्टी हार जाए तो वह नैतिक तौर से जिम्मेदार हैं। इस नाते उन्होंने इस्तीफा दिया है। उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया था।
बाबा की माया, कोई समझ न पाया ‘ किरोड़ीलाल बतौर मंत्री विधानसभा सत्र में शामिल नहीं होंगे

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