उदयपुर। आज पांच दिन बाद नेटबंदी हटी और इसकी के साथ उदयपुर में कांग्रेस की स्थानीय इकाई की भी ट्यूबलाइट जल गई। प्रेसवार्ता करके देवराज प्रकरण और बिगड़ती कानूनी व्यवस्था पर नेताओं ने विचार रखे। जबकि शहर के लोग उम्मीद कर रहे थे कि कांग्रेस को देवराज प्रकरण में अपनी औचक आवक-जावक वाली भूमिका से बाहर निकल कर ठोस और निर्णायक भूमिका में दिखाई देना था मगर ऐसा दिखाई नहीं दिया। नेताओं की ना तो तनाव के पलों में कोई ठोस निर्णायक मौजूदगी देखी गई ना ही किसी अन्य अवसर पर संगठन का वैचारिक व सांगठनिक प्रभाव डालने वाला कोई जोर दिखा। प्रदेश कमेटी के आदेश पर अब उसी संगठन जिला इकाई को रिपोर्ट देनी है जो पांच दिनों में भाजपा नेताओं की चप्पा-चप्पा मौजूदगी के आगे नाम मात्र की उपस्थिति ही दर्ज करवा पाई। भाजपा के अनुशांगिक सांगठनों तक में सक्रियता देखी गई। उन्होंने वैचारिक रूप से प्रभाव डाला मगर कांग्रेस के बड़े नेता मोर्चे पर लगातार डटे हुए नहीं दिखाई दिए। कहने को वे अपनी उपस्थिति व्यक्तिगत रूप से गिना सकते हैं लेकिन यह किसी से छिपा नहीं है कि भावनाओं के ज्वार वाले इस जघन्य हत्याकांड में कांग्रेस अपनी राजनीतिक मौजूदगी सिर्फ दस्तूरी या मौके-मौके पर औचक ही दर्ज करवा पाई। कांग्रेस को हर हाल में यह नहीं भूलना चाहिए कि निकाय चुनाव करीब हैं व ऐसे में जनता के सुख-दुख में उसकी उपस्थिति अपरिहार्य है। यदि विजुअल इफेक्ट और इंपेक्ट का फेक्टर गायब रहता है तो जनता भी एक और जोर का झटका देने में ज्यादा देर नहीं लगाएगी।
बहरहाल आज प्रेसवार्ता में पदााधिकारियों ने कहा कि छात्र देवराज की चाकू बाजी में जो हत्या हुई है उसकी कांग्रेस पार्टी कड़ी निंदा करती है। अपराधियों के प्रति कड़ी एवं शीघ्र कार्यवाही की मांग करती है। कांग्रेस पार्टी पीडि़त परिवार के साथ खड़ी है। घायल पीडि़त को सही एवं उचित चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की थी तथा आवश्यकता पडऩे पर एयर एंबुलेंस द्वारा देश के आधुनिकतम अस्पताल में ले जाकर पीडि़त छात्र को बेहतरीन चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध करवाई जा सकती थी किंतु राज्य सरकार ने एवं अस्पताल प्रशासन ने जारी बुलेटिन में छात्र के स्वास्थ्य में सुधार एवं स्टेबल होने की जानकारी ही प्रदान की। प्रदेश में प्रतिदिन रेप एवं हत्या जैसे जघन्य अपराधों के समाचार विचलित कर रहे हैं तथा इस घटना से उदयपुर ही नहीं पूरे प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा कानून व्यवस्था कायम रखने में विफल रहने पर रोष है साथ ही प्रदेश का आमजन अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति ना हो एवं शांति व्यवस्था कायम रहे यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है तथा अपराधियों एवं दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही हो यह राज्य सरकार का कर्तव्य है।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कांग्रेस कमेटी इस दुख की घड़ी में पीडि़त परिवार के साथ खड़ी है तथा उन्हें न्याय दिलाने हेतु प्रतिबद्ध है। उदयपुर की दुखद घटना के सभी बिंदुओं की वास्तविक जानकारी प्राप्त करने हेतु राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जांच दल गठित किया जाता है जो मृतक छात्र के पीडि़त परिवार से मिलकर उनके दुख को साझा करते हुए न्याय दिलाने का भरोसा प्रदान करेगा तथा समस्त घटनाक्रम की जानकारी प्राप्त की जाएगी। जांच दल समस्त घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के समक्ष शीघ्र प्रस्तुत करेगा। जांच दल में भजनलाल जाटव, सांसद, उदय लाल आंजना, पूर्व मंत्री, रामलाल जाट पूर्व मंत्री, ताराचंद मीना, सांसद प्रत्याशी उदयपुर लोकसभा सम्मिलित है।
मीणा ने कहा यह घटना लगभग 10:00 बजे हुई थी। उसके बाद में पुलिस और प्रशासन को सर्तक रहना चाहिए था। लेकिन अपेक्षित कार्यवाही नहीं की गई और परिणाम स्वरूप शहर का माहौल खराब हुआ और कुछ असामाजिक तत्वों ने वाहनों को आगजनी की। धार्मिक स्थलों पर पत्थर बाजी की और कानून को अपने हाथ में लिया। उदयपुर की छवी को खराब किया। मीणा ने कहा कि उदयपुर पर्यटन के नाम पर देश-विदेश में जाना जाता है और ऐसी घटनाए हमारे शहर के पर्यटन के लिए यह बहुत बड़ा आधार होती है। इससे हमारे शहर की छवी खराब होती है। उस समय रक्षाबंधन का त्यौहार भी था। होटलों की बुकिंग भी केन्सल हुई है। कांग्रेस पार्टी निंदा करती है और साथ में हम यह मांग करती है कि ऐसे असामाजिक तत्वों की सख्त कार्यवाही की जाए ताकि भविष्य में उदयपुर शहर की कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं कर सके और साथ में हम यह भी मांग करते है कि जो अधिकारी दोशी है जिनकी यह रोकने की जिम्मेदारी थी उन पर भी कार्यवाही की हम मांग करते हैं।
नेटबंदी हटी, कांग्रेस की ट्यूबलाइट जली

Advertisements
