24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। आज की यह खबर आपके किसी भी वाट्सएफ फॉरवर्ड से ज्यादा जरूरी और काम की है। पूरा पढिये, ध्यान से पढिये और खुद भी सतर्क हो जाइये तथा अपने आस-पास के लोगों को भी सतर्क कर दीजिए। आज हम आपके सामने उदयपुर में हमारे ही मित्रों के साथ हुई दो घटनाओं के बारे में बताना चाहते हैं। घटना वही हैं केवल नाम परिवर्तित कर दिए गए हैं क्योंकि हमारे मित्र नहीं चाहते हैं कि उनके नामों का खुलासा होने पर उन्हें शर्मिंदगी उठाने पड़े। मगर वे यह जरूर चाहते हैं कि ऐसी कोई मुहिम चले जिससे सभी लोग सावचेत हो जाएं और फिर कोई साइबर ठग बच्चों के नाम पर ठगने का साहस ही नहीं कर पाए।केस-1अनामिका प्रतापनगर के पास स्थित एक कॉलेज में एग्जाम देने गई। पीछे से उसकी मम्मी के पास अनजान व्यक्ति का कॉल आया व कड़कते हुए उसने कहा कि आप अनामिका की मम्मी बोल रही हैं। उन्होंने कहा जी बताइये। इस पर अनजान आदमी बोला कि मैं सीबीआई से बोल रहा हूं। आपकी बेटी अनामिका कहां हैं। मम्मी ने कहा कि वो तो एग्जाम देने गई है। फर्जी अफसर ने कड़कते हुए कहा कि एग्जाम देने गई है या ड्रग्स का कारोबार करने गई है। हमने उसको उसके दोस्तों के साथ प्रतापनगर पर ही ड्रग्स के साथ पकड़ा हैं। मम्मी कुछ समझ पाती उससे पहले ही फोन पर सामने से आवाज आई-मम्मी मुझे बचा लो, मैं ऐसी गलती दुबारा नहीं करूंगी, मम्मी मुझे बचा लो। मम्मी को विश्वास हो गया कि आवाज अनामिका कही है। इस पर उन्होंने कहा कि सर, आप बताइये क्या हुआ है, क्या बात है, क्या मामला है। भाई साहब प्लीज, इस पर सामने वाले ने कड़कते हुए कहा कि भाई साहब किसे कह रहे हो, आपकी बेटी को मैं जेल भेज रहा हूं। उसको अरेस्ट होने से बचाना है तो अभी के अभी 50 हजार मेरे अकाउंट में डलवा दो, मैं नंबर भेज रहा हूं, उस पर अर्जेंट भेज दो। अनामिका की मम्मी का मानों दिमाग ही हैंग हो गया, पता ही नहीं चाल कि अब क्या करें। अनामिका के पापा की पास ही में शॉप थी। वो घर से रोते हुए अनामिका के पिता की शॉप पर गई व रोते हुए कहा कि मेरी बच्ची को बचा लो। पिता भी डर गए व पूछा कि आखिर हुआ क्या है? इस बीच फिर से फोन कॉल आया कि जल्दी पैसा भेजो नही ंतो हम कार्रवाई आगे बढा रहे हैं। पिता को एक पल के लिए लगा कि यह कॉल फ्रॉड हो सकती है। उन्होंने अपने मित्र से कहा कि जल्दी से कॉलेज के बाहर जाकर देखो, बिटिया की स्कूटी है या नहीं। दोस्त ने तुरंत चेक करके बताया कि स्कूटी वहीं पर है। इस बीच फ्रॉड कॉलर के बार-बार फोन आने लगे व वह मैसेज करने लगा। अनामिका की मम्मी को फिर लगा कि क्या पता बेटी एग्जाम नहीं दे रही हो और बाहर से ही कहीं चली गई हो व मुसीबत में फंस गई हो। उन्होंने फिर से बिटिया के एग्जाम देने की बात को कंफर्म करने की बात कही। इस पर अनामिका के पिता ने अपने मित्र के माध्यम से एग्जाम सेंटर फोन किया। एग्जाम सेंटर प्रभारी को पूरी बात बताई। प्रभारी बहुत ही कॉपरेटिव थे। उन्होंने दो मिनट बाद ही एग्जाम हॉल से बिटिया को बुला कर फोन पर बात करवा दी। तब जाकर जान में जान आई। केस-2अनिकेत अपने ऑफिस में किसी मीटिंग में बैठे थे। अचानक एक वाट्सएप कॉल आया जिसमें पुलिस अफसर का फोटो लगा हुआ था। अनिकेत वैसे तो वाट्सएप कॉल नहीं उठाते मगर उन्होंने पुलिस अधिकारी समझ कर कॉल उठा लिया। कॉल उठाते ही सामने वाले ने कहा कि मैं सीबीआई ऑफिसर बोल रहा हूं। आपका बेटा कहां पर है। अनिकेत ने कहा कि वह तो जॉब पर गया है। इस पर कॉलर ने कहा कि जॉब पर नहीं गया है, उसको तो हमने डीटेन कर रखा है ड्रग्स और पिस्टल के एक मामले में। उसके साथ दो-तीन दोस्त और हैं। इस पर अनिकेत ने कहा कि शायद आपको कोई गलतफतहमी हो गई होगी, मेरा बेटा ऐसा नहीं है। इस पर अधिकारी ने कहा कि आपको तो दफ्तर के काम से फुर्सत हैं नहीं, बेटा क्या कर रहा है, कहां जा रहा है कुछ भी नहीं पता। इसके बाद पीछे से अवाज आई कि-ले जाओ इनको, पकड़ो इनको, पिस्टल रखते हैं, आज मैं दिखाता हूं तुमको तो……। फ्रॉड कॉलर को अनिकेत ने कहा कि सर, आप जहां कहीं भी हो थाने में आ जाओ, वहीं पर बात कर लेते हैं। इस पर उसने कहा कि आप मौके पर आओ नही ंतो केस बिगड़ जाएगा फिर मत कहना कि पहले बताया नहीं। इसके बार कॉलर ने कहा कि इन नंबरों पर पैसे भेज दो मैं कोशिश करता हूं मामला यहीं पर निपट जाए।…………………..अनिकेत आचानक हुए इस वार्तालाप से शॉक्ड हो गए। तुरंत फोन काट कर बेटे को फोन किया मगर फोन नहीं लगा। इस बीच फ्रॉड कॉलर का बार-बार फोन आया मगर नहीं उठाया। थोड़ी ही देरे में फोन आ गया व बेटे ने कहा पापा मैं ऑफिस में जरूरी काम में बिजी था, आपका फोन नहीं उठा पाया। अब आपको बताते हैं कि आखिर अनिकेत अपने साथ संभावित फ्रॉड से कैसे बचे? ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अनिकेत ही वो शख्स थे जिन्होंने पहले वाली किस्से में एक फोन कॉल पर कॉलेज पहुंच कर अपने मित्र की बिटिया की स्कूटी वहीं पर होने की बात कही थी। अनिकेत को कॉल आने के बाद अनामिका वाली बात याद आ गई व उन्होंने तुरंत फोन करके बेटे के बारे में जान लिया। * इस तरह से बचें-जब भी कॉल आए कि आपके बेटे और उसके दोस्त गैंगरेप में पकड़े गए हैं। ‘मम्मी इन्होंने मुझे रेप केस में फंसा दिया है। मम्मी मुझे बचा लो, या फिर बिटिया ड्रग्स के साथ पकड़ी गई है आदि आदि तो समझ जाइये कि ये फ्रॉड कॉल है। अपने दिमाग को स्थिर रखें। सामने वाले की बातों में ना आएं। अक्सर ये कॉल दोपहर 11 से 1 बजे के बीच में आते हैं। सामने वाला आपसे परिवार के बारे में पूछेगा व आपकी जानकारी के आधार पर ही आपको फंसाएगा। वैसे कई बच्चों की जानकारी स्कूल और कॉलेजों से लीक हो चुकी है जिसमें पेरेंट्स नेम, एजुकेशन प्रोफाइल सहित कई पर्सनल इंफार्मेशन हैं। ऐसे में केवल फोन कॉल पर धमकी से डरें नहीं। ज्यादा डाउट हो तो पास के पुलिस स्टेशन में चले जाएं या अभय कमांड सेंटर के नंबरों पर कॉल कर लें। इस तरह की कॉल को डिजिटल अरेस्ट कॉल कहा जाता है जिसमें पुलिसवाले का फोटो लगा होगा, आवाज रौबदार होगी, बार बार आपके डांट लगाएगा। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी का फर्जी वीडियो या ऑडियो कॉल बनाने के लिए उसकी असली आवाज, फोटो या वीडियो लेकर फेक कॉल की जा सकी है। सोशल मीडिया प्रोफाइल पर निजी जानकारियां दे रहे है ं तो समझ जाइये आप अपनी बर्बादी का रास्ता खुद बना रहे हैं। फेसबुक या दूसरे सोशल मीडिया अकाउंट से या रील्स या वीडियो से साइबर अपराधी को वीडियो और आवाज का सैंपल आसानी से मिल जाता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... 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