उदयपुर में हाईकोर्ट वर्चुअल बैंच पर फिर गोली दे गए कानून मंत्री, कांग्रेस पर बोले- तुष्टीकरण की नीति उनका कोर सब्जेक्ट
24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन पार्टी आलाकमान के निर्देश पर उदयपुर आए केन्द्रीय कानून मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अर्जुनराम मेघवाल ने एक बार फिर वर्चुअल हाईकोर्ट बेंच के मुद्दे पर गोलमाल जवाब दे दिया। उन्होंने कहा कि मिनिस्ट्री ऑफ लॉ एंड जस्टिस के ई कोर्ट प्रोजेक्ट के तहत हम इंफ्रास्ट्रक्चर खडा कर रहे हैं और यह प्रक्रिया चरणबद्ध है। इसमें उदयपुर भी शामिल है। यह सुविधा कई जगह पर मिलेगी। बीकानेर में सीजेआई की घोषणा के बाद उदयपुर के भी एडवोकेट मेरे पाए आए थे व मैंने उनसे भी यही कहा था। अब मैं मेरठ, इलाहाबाद, आगरा, उदयपुर, जोधपुर के एडवोकेट को समझा रहा हूं कियह टेक्नोलॉजी का अपग्रेडेशन है। मंत्रीजी ने यह नहीं कहा कि उदयपुर में वर्चुअल बैंच कब तक मिल जाएगा क्योंकि इससे पहले मेघवाल ने खुद कहा था कि वर्चुअल बैंच पर सबसे पहले हक उदयपुर का है। विधानसभा चुनावों के बाद कार्यक्रम में सीजेआई से मंत्रीजी ने चिट भेज कर कहलवा दिया था कि बीकानेर को वर्चुअल हाईकोर्ट बैंच मिलेगी। इसके बाद उदयपुर में आंदोलन भी हुआ था मगर पार्टी-पॉलिटिक्स के चलते विरोध को लोकसभा चुनावों के देखते हुए मैनेज कर दिया गया। उदयपुर में कमजोर विपक्ष होने से चुनाव में यह मु्द्दा नहीं बन सका। अब चुनाव के बाद यह जिन्न फिर बाहर आ सकता हैं।
उदयपुर आने का मंत्रीजी का दूसरा मकसद संविधान पर संकट को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देना था। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प पत्र गुड गवर्नेंस की बात कर रहा है और मोदीजी हमेशा संविधान को नमन करते हुए उसी के अनुसार कार्य कर रहे हैं। 2019 में जब 303 सीटें जीत कर भाजपा दुबारा आई तो शपथ से पहले मोदीजी ने संविधान को नमन किया। अभी 75 साल संविधान के पूरे होने पर भी देशभर में कई कार्यक्रम हो रहे हैं। मोदीजी ने ही कहा कि आप हमारा संविधान हमारा सम्मान के नाम से कार्यक्रम कीजिए। मोदीजी का कहना है कि बाबा साहब का संविधान नहीं होता तो मैं भी प्रधानमंत्री नहीं होता। उन्होंने कहा कि मोदीजी के कालखंड में भारत की अर्थव्यवस्था का आकार इतना ज्यादा बढा कि हमने इंग्लेण्ड को पछाड कर पांचवीं सबसे बडी अर्थव्यवस्था का खिताब पाया है। अब हम जर्मनी व जापान को पछाड कर तीसरे नंबर पर आने वाले हैं। जब तीसरी अर्थव्यवस्था बनेगी तो गांवों का तेजी से विकास होगा। ग्राम पंचायतों का बजट कई गुना बढ जाएगा।
उन्होंने कांग्रेस पर तीखे हमले करते हुए कहा कि उनके घोषणा पत्र में तुष्टीकरण की नीति उनका कोर सब्जेक्ट है। पार्टी कौन होती है प्रॉपर्टी के बारे में पूछने वाली। इन्होंने खुद लिखा है कि हम एक इंस्टीट्यूट बनाएंगे व संपत्ति का इक्वल डिस्टीब्यूशन कर देंगे। जिनके पास हैं उनसे लेंगे व जिनके पास नहीं है उनको बांटेंगे। भारतीय जनता न पसंद करेगी न स्वीकार करेगी। उन्होंने पीएम से बहस के मुद्दे पर कहा कि खडगे साहब की खुद की खिसक रही है। उन्होंने कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा कि सनातन धर्म मलेरिया है डेंगू है कहकर आपने खंडन नहीं किया है, आप खंडन नहीं कर रहे हैं तो सनातन विरोधी हैं। कानून मंत्री के नाते मैंने कांग्रेस का दिया कोर्ट का एफिडेविट देखा है जिसमें कहा गया है कि राम का अस्तित्व काल्पनिक लगता है। हम कहते हैं कि राम रोम रोम में है राम हमारी प्रेरणा है। ईवीएम पर कहा कि कर्नाटक और हिमाचल में ईवीएम नहीं थी क्या? जब कांग्रेस जीतती है तब नहीं कहते हैं कि ईवीएम में खराबी है। सैम पित्रोदा को उन्होंने ओवरसीज कांग्रेसी बताया व कहा कि उनसे ऐसे बयान कांग्रेसी ही दिलवाते हैं।
उदयपुर में हाईकोर्ट वर्चुअल बैंच पर फिर गोली दे गए कानून मंत्री, कांग्रेस पर बोले- तुष्टीकरण की नीति उनका कोर सब्जेक्ट

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